UNCATEGORIZED

मृतक शमशेर उर्फ हैप्पी की दर्द से भरी कहानी

* समस्तीपुर के गांव+थाना – चकमेहसी के रहने वाले
मृतक मो० शमशेर की कहानी।
**************************
बिहार के समस्तीपुर में छोटा सा गांव है चकमेहसी ! मोहम्मद शमशेर उर्फ हैप्पी इसी गांव का 20 साल का नौजवान था
10-15 दिन पहले ही कोलकाता से आया था! वह कोलकाता में ही काम कर रहा था लेकिन घर पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था इसलिए उसे घर आना पड़ा ।

* 31 दिसंबर की कहानी
**************************
सुबह 11:00 बजे की बात है, वह अपने घर के न‌ए प्लास्टर पर पानी डाल रहा था , उसी वक्त प्रभात चौधरी और उसके पिता घर आए और उसे बुलाकर किसी बहाने से ले ग‌ए । देर शाम तक जब घर नहीं लौटा तो , शमशेर के घरवाले प्रभात चौधरी के घर गए। उसने यह कहते हुए घर वालों को लौटा दिया की में तुम्हारे लड़के के साथ – साथ 3। और लड़कों को भी लाया था । जिसे मरने के बाद मैं छोड़ दिया । घर वालों ने कहा कि हमारा लड़का घर नहीं आया है। जब
घर वालों ने ज़ोर दिया तो प्रभात चौधरी अपने दोस्तों को बुला लिया । उसके दोस्त शमशेर के घर वालों को चारों तरफ से घेर लिया और सभी के हाथों में बंदूक था

* शमशेर के परिजनों द्वार अपराधी प्रभात चौधरी और
उसके पिता संजय चौधरी के खिलाफ चकमेहसी थाना
में FIR दर्ज कराई गई।
************************
घरवालों ने अपराधी प्रभात चौधरी और उसके पिता संजय चौधरी पर 31/12/2020 को अपहरण का मामला दर्ज कराया ।
जिसमें दफा 363, 364, 34 लगाया गया ।
चकमेहसी थाना द्वारा जांच पड़ताल शुरू किया गया । लेकिन शमशेर के परिजन और गांव वालों का कहना अगर पुलिस प्रशासन सही से काम करती तो अपराधी पकड़ा जाता।
अंततः शमशेर का शव उसके घर से दूर 130-150 km की दूरी पर पाया गया।
4 जनवरी को अचानक चकमेहसी थाना से यह खबर मिली कि उसके घर से 130 – 150km दूर एक लावारिस लाश मुर्दा घर में पड़ी है उसे देखने जाना है । जब शमशेर के परिजन मधुबनी में शव को देखने जाते है तो शव
शमशेर की होती है जिसे देख परिजनों की आंखे नम हो जाती है, मधुबनी हॉस्पिटल में रोने बिलखने लगते हैं । उनका रोना बिलखना देख कर आस पास के लोगों की आंखें भी नम हो जाती है।

हद तो तब होती है कि चकमेहसी थाना की पुलिस प्रशासन शमशेर के शव को वहीं मधुबनी में दफनाने की बात करते हैं। शायद अगर यह कहा जाए की शमशेर की अपराधी को बचाने की पूरी प्लानिंग चल रही थी तो इसमें कोई गलत नहीं। मधुबनी में शमशेर के शव को दफनाने का इंतजाम भी किया गया था । वह लोग घर लाने नहीं दे रहे थे शमशेर के परिजनों के अनुसार हम लोग शुक्र उस अज्ञात व्यक्ति का मनाते हैं जो दूर रहकर भी अपनी टीम को वहां पर भेजते हैं। मीडिया को भेजते हैं जिसके कारण हमारे भाई का शव हम लोगों को सौंप दी जाती है ,
लेकिन शव 4 दिन पुरानी हो गई थी इसलिए 4/01/2021 को ही रात 10 – 11 बजे रात दफनाना पड़ा।

* प्रभात चौधरी का बैकग्राउंड
**************************

प्रभात चौधरी जिसके पिता का नाम संजय चौधरी उनके पिता भी इस शमशेर हत्याकांड में लिप्त है। प्रभात चौधरी की उम्र लगभग 23 से 25 वर्ष है लेकिन आश्चर्यजनक वाली बात यह है कि इसी उम्र में इस प्रभात चौधरी के ऊपर कुल मिला कर कहीं थाने में लगभग 10 से 15 FIR दर्ज है। जिसमें दारू का स्मगलिंग करना, लूटपाट, दंगा फसाद ,धमकियां , और तो और चकमेहसी थाना के ही एक सिपाही को पूरी तरीके से मार्ग हॉस्पिटल में पहुंचाना , इस प्रकार के केस दर्ज है। शमशेर हत्याकांड से ठीक 3 -4 महीने पहले वह जेल से भी वापस आया है।
चकमेहसी गांव के निवासियों के अनुसार-: प्रभात चौधरी का विधायकों के साथ उठना बैठना रहा है , और गांव वालों का कहना है कि हो सकता है प्रभात चौधरी को सपोर्ट इन विधायकों से मिल रहा है, पुलिस प्रशासन पर विधायकों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है । शमशेर हत्याकांड में जो शामिल है उसको बचाने के लिए यानी प्रभात चौधरी और संजय चौधरी को बचाने के लिए।

* शमशेर के अपराधी प्रभात चौधरी और उसके पिता
संजय चौधरी समस्त घरवालों के साथ फरार
************************
चकमेहसी गांव के निवासियों के अनुसार और चकमेहसी थाना के अनुसार प्रभात चौधरी और उसके पिता घर से फरार हैं साथ ही उनके सभी परिजन फरार हैं।
*********************
* चकमेहसी गांव वालों का प्रशासन के खिलाफ सोच

चकमेहसी गांव के निवासियों का कहना है कि पुलिस प्रशासन कहीं ना कहीं प्रभात चौधरी और संजय चौधरी का सपोर्ट कर रही है , उसे बचाना चाहती है जिस कारण अभी तक शमशेर के अपराधी प्रभात चौधरी और उसके पिता संजय चौधरी फरार बताए जा रहे हैं। चकमेहसी निवासियों के अनुसार और शमशेर के परिजनों के अनुसार अपराधी को न पकड़े जाने के विरोध में इन लोगों ने कल्याणपुर रोड को जो दरभंगा समस्तीपुरको जाती है उसे ब्लॉक भी किया था। जहां पर घंटों यातायात बंद थे। कल्याणपुर पुलिस न
द्वारा 72 घंटे का वक्त दिया गया था , आश्वासन दिया गया था कि इन 72 घंटे में अपराधी को पकड़ लिया जाएगा लेकिन अब तक अपराधी फरार है
पुलिस प्रशासन के ढीले रवैए से घरवालों के साथ-साथ पूरे गांव में आक्रोश है, गांव वाले शमशेर उर्फ हैप्पी को मासूम और बेकसूर बता रहे हैं। चकमेहसी गांव वालों के अनुसार -: अगर पुलिस प्रशासन सही तरीके से अपना काम करती, अपना फर्ज निभाती तो हो सकता था शमशेर को बचाया जा सकता था , या फिर शमशेर का शव सही सलामत मिलता । लेकिन पुलिस प्रशासन तो सबूत मिटाना चाहती थी अपराधियों को बचाना चाहती थी जिस कारण 5 दिनों बाद शव के शिनाख्त के लिए मधुबनी ले जाती है।
यह खबर लिखे जाने तक अपराधी अब तक फरार है पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है
पुलिस प्रशासन अनुसार -: अपराधी के खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया है जल्द ही अपराधी को पकड़ लिया जाएगा

हमारी तहकीक से यह दोनों ही बातें अपनी जगह सही हो सकती है । क्योंकि जान लेने वाला आदमी कोई मामूली नहीं है वह एक दारू (शराब) बेचने वाला आदमी है बड़े पैमाने पर रेत का बिजनेस है। अगर इसे दारू माफिया कहा जाए तो कोई गलत नहीं और प्रभात गैंग भी अगर कहा जाए तो कोई गलत नहीं
प्रभात चौधरी के गांव वाले अनुसार , चकमेहसी के गांव वाले अनुसार , चौक चौराहे पर लोगों से पूछे जाने के अनुसार, प्रभात चौधरी से सभी लोग खौफ खाते हैं। उसके डर के साए में लोग जीते हैं वहां के लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र की लड़कियां भी महफूज नहीं है सुरक्षित नहीं है।
गांव पर काफी अच्छा उसका दबदबा है उसके खिलाफ बोलना यानी मौत को अपने मुंह में लेना लोग ऐसा समझते हैं
और ऐसे में हमारी न्यूज़ चैनल की टीम वहां तक पहुंची है ,उस इंसान के खिलाफ सुबूत इकट्ठा करने हैं जिससे लोग खौफ खाते हैं लोग डरते हैं।
जब हमारी टीम उस जगह पहुंची थी ,जहां पर शमशेर का शव बरामद किया जाता है वहां के निवासियों के अनुसार शमशेर को 5 गोलियां नहीं बल्कि 11 गोलियां मारकर पूरी बदन को छलनी छलनी कर दिया गया था उससे पहले शमशेर को बुरी तरीके से मारा गया था जो शव पर मार के निशान साफ तौर पर देखे जा सकते हैं ।
देश से क्राइम को खत्म करने के लिए हमारी न्यूज़ चैनल TAHQIQ INDIA NEWS (तहकीक इंडिया न्यूज़) का सपोर्ट करें। क्योंकि हमारी टीम उस जगह पहुंच जाती है जहां पे कोई भी पत्रकार नहीं पहुंच पता या कहा जाए तो मौत के खौफ से उस जगह जाना ही नहीं चाहता। जिस खबर को नेशनल न्यूज़ चैनल भी आज तक नहीं दिखा पाई उस खबर की पैकिंग करने के लिए हमारी टीम पहुंचती है और उस खबर को दिखाती है

TAHQIQ INDIA NEWS
रिपोर्टिंग
गौहर अज़ीज़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close